टीम इंडिया का ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का लंबा दौरा खत्म हुआ. उम्मीद थी कि इंडिया इस दौरे का आखिरी मैच जीतकर कर घर लौटेगी क्योंकि 2019 के वर्ल्ड कप से पहले ये विदेशी जमीन पर आखिरी मैच था. मगर एडी चोटी का जोर लगाने के बावजूद टीम इंडिया टी20 सीरीज का आखिरी मैच सिर्फ और सिर्फ 4 रन से हार गई. सीरीज भी 2-1 से हाथ से निकल गई. अब फटाफट नजर डाल लेते हैं इंडिया की हार की 5 बड़ी वजहों पर-
#1. हार की सबसे पहली और बड़ी वजह था 200+ का स्कोर. जब इतने बड़े टारगेट को चेज करने किसी भी टीम को उतरना पड़े तो प्रेशर तो रहता है. मगर ये स्कोर बना कैसे. ये बना हमारे तेज गेंजबाजों की ढीली गेंदबाजी के चलते. इस सीरीज में न्यूजीलैंड ने कुल 589 रन बनाए जिसमें से हार्दिक पंड्या, क्रुणाल पंड्या और खलील अहमद ने 372 रन लुटाए. यानी कुल रनों का 63.15 फीसदी हिसा इन तीनों बॉलरों ने लुटाया. यही काफी था इंडिया की हार के लिए. इंडिया ने इस सीरीज में कुल 6 बॉलर आजमाएं हैं जिनमें इन तीनों ने खूब रन लुटाए. फाइनल में जहां हार्दिक पंड्या ने 4 ओवरों में बिना विकेट 44 रन दिए, क्रुणाल ने इतने ही ओवरों में 54 और खलील ने 47 रन दिए. आखिरी 5 ओवरों में न्यूजीलैंड ने 61 रन बना लिए.
#2. हार की दूसरी वजह रही टीम इंडिया की घटिया फील्डिंग.फाइनल मैच में दोनों टीमों की फील्डिंग ने ही हार और जीत तय की. इंडिया की तरफ से खलील अहमद चौथा ओवर फेंक रहे थे. दूसरी ही गेंद को ओपनर सीफर्ट ने हवा में शॉट खेला. गेंद के नीचे विजय शंकर भाग रहे थे. शंकर ने पूरे जी जान से दौड़ लगाई और गेंद के नीचे पहुंच गए. मगर आखिरी मौके पर गेंद हाथ से निकल गई. अगर ये कैच विजय शंकर लपक लेते तो इस टूर का ये सबसे यादगार कैच होता. तब न्यूजीलैंड का स्कोर 38/0 था. दूसरा मौका 13वें ओवर में आया जब हार्दिक की पहली ही गेंद पर कोलिन मुनरो ने शॉर्ट गेंद को हवा में उछाल दिया. गेंद आसमान सिर के ऊपर उंचाई पर थी और उसके नीचे थे खलील अहमद. ये एक बेहद आसान कैच था मगर खलील के हाथ से गेंद टपक गई. उस वक्त मुनरो 61 रन बना चुके थे. उसके बाद इस ओवर में मुनरो ने 17 रन मार दिए. छूटते कैच और खराब फील्डिंग के बूते न्यूजीलैंड स्कोर को 212 तक ले गई.
#3. न्यूजीलैंड ने पहले बड़ा स्कोर खड़ा किया और फिर जब इंडिया बैटिंग के लिए आई तो इनके बॉलरों ने आसानी से रन बनाने नहीं दिए. हालांकि छोटी बाउंड्री के चलते अच्छी हिट्स छक्के के लिए जा रही थीं, मगर आखिरी ओवरों में टिम साउदी और स्कॉट कगलिन और डैरल मिचेल ने अच्छी वैरिएशन्स में गेंदबाजी की. मगर इंडिया की तरफ से गलती तब हुई जब बतौर बल्लेबाज धोनी अपना रोल नहीं निभा पाए. जब धोनी बैटिंग करने आए थे तो इंडिया को 36 गेंदों में 72 रन चाहिए थे. साथ में हार्दिक पंड्या खेल रहे थे. रोहित के आउट होने पर स्कोर 142/4 हो गया था. मगर हैरानी की बात ये कि जो धोनी मैच को आखिरी गेंद तक ले जाने में भरोसा रखते हैं, उन्होंने अपनी चौथी ही गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में आसान सा कैच दे दिया. धोनी के आउट होते ही इंडिया की प्लैनिंग गड़बड़ा गई.
#4. इंडिया की तरफ से धोनी ने तो आसान कैच दिया ही, जिस तरीके से हार्दिक पंड्या ने अपना विकेट दिया, वो समझ से परे था. कगलिन की गेंद पर ऐसा बल्ला चलाया कि गेंद हवा और बल्ला दोनों हवा में चले गए. फील्डिंग टीम भी थोड़ी देर के लिए लिए सोच में पड़ गई कि गेंद को कैच करना है या बल्ले को. हालांकि हार्दिक ने बढ़िया 11 गेंदों पर 21 रन बना लिए थे मगर ये एक खराब शॉट देखकर हार्दिक ने सब किए पर पानी फेर दिया. पंड्या से पहले रोहित शर्मा के धीमे 38 रन भी इंडिया के लिए प्रेशर क्रिएट कर चुके थे. रोहित ने 32 गेंदों पर 38 मारे और एक भी छक्का नहीं मारा.
#5. इंडिया ने मैच हारने के साथ साथ सीरीज भी 2-1 से हारी. ऐसा नहीं है कि इंडिया टारगेट का पीछा करने में पिछड़ गई थी. टीम ने लगातार आस्किंग रेट अपने कंट्रोल में रखा. आखिर में दिनेश कार्तिक और क्रुणाल पंड्या जीत के करीब भी पहुंच गए. मगर जो आखिरी ओवर में हुआ वो देख भरोसा करना मुश्किल था. इंडिया को आखिरी ओवर यानी 20वें ओवर में 16 रन चाहिए थे. टिम साउदी का ओवर था. सामने दिनेश कार्तिक थे और वो 11 गेंदों पर 24 रन मार चुके थे. नॉन स्ट्राइकर्स पर क्रुणाल थे जो 12 गेंदों में 25 रन मार चुके थे. श्रीलंका में हुई निदाहस ट्रॉफी का फाइनल याद आ रहा था.
– पहली गेंद पर कार्तिक ने 2 रन निकाले. अब 5 पर 14 रन चाहिए थे.
– दूसरी गेंद इस चक्कर में छोड़ दी कि वो वाइड होगी, मगर अंपायर ने नहीं दी.
– तीसरी गेंद पर कार्तिक ने मिड ऑफ की तरफ शॉट खेलने की कोशिश की, टाइम नहीं कर पाए और रन भी नहीं भागा. क्रुणाल आधी क्रीज क्रॉस कर चुके थे, क्रार्तिक ने सिंगल लेने से मना कर दिया. ये कदम हैरान करने वाला था. अब आखिरी तीन गेंद पर इंडिया को 14 रन चाहिए थे.
-चौथी पर सिंगल लिया.
-फिर पांचवीं पर भी सिंगल ही आया.
-अब आखिरी गेंद पर 12 रन चाहिए थे और इंडिया की हार तय हो चुकी थी. एक वाइड बॉल हुई और आखिरी गेंद पर कार्तिक ने छक्का मार दिया. इंडिया ये मैच 4 रन से हार गई.
– दूसरी गेंद इस चक्कर में छोड़ दी कि वो वाइड होगी, मगर अंपायर ने नहीं दी.
– तीसरी गेंद पर कार्तिक ने मिड ऑफ की तरफ शॉट खेलने की कोशिश की, टाइम नहीं कर पाए और रन भी नहीं भागा. क्रुणाल आधी क्रीज क्रॉस कर चुके थे, क्रार्तिक ने सिंगल लेने से मना कर दिया. ये कदम हैरान करने वाला था. अब आखिरी तीन गेंद पर इंडिया को 14 रन चाहिए थे.
-चौथी पर सिंगल लिया.
-फिर पांचवीं पर भी सिंगल ही आया.
-अब आखिरी गेंद पर 12 रन चाहिए थे और इंडिया की हार तय हो चुकी थी. एक वाइड बॉल हुई और आखिरी गेंद पर कार्तिक ने छक्का मार दिया. इंडिया ये मैच 4 रन से हार गई.
कमेंट्री बॉक्स से लेकर सोशल मीडिया पर दिनेश कार्तिक के इस कदम पर आलोचन हुई. हो सकता था कि कार्तिक ये सिंगल ले लेते और दूसरी तरफ क्रुणाल बड़ा शॉट खेलकर प्रेशर न्यूजीलैंड पर डाल देते. मगर अब सच्चाई तो यही है कि इंडिया ने एक बेहद करीबी मुकाबले में ये मैच हारा और अब वर्ल्ड से पहले टीम ऑस्ट्रेलिया से अपने घर में भिड़ेगी






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