4 दिन में पुलवामा का बदला, राशिद गाजी ढेर, 11 घंटे चला एनकाउंटर



वर्तमान में हमले में 44 जवान शहीद हुए है. उनकी शहीदो के पीछे पूरा देश शोक बना रहा था की इसी बिच में एक और बुरी खबर सामने आयी है. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों के खिलाफ मुठभेड़ लड़ रहे सुरक्षाबलों के चार जवान शहीद हो गए. पुलवामा जिले के पिंगलिना में सुरक्षाबलों ने देर रात को ऑपरेशन चलाया था. सेना का मकसद था की गाजी रशीद को पकड़ना था. यह गाजी रशीद वही था जिसने पुलवामा में हमले की साजिश रची थी. CRPF के जवान अपनी इस मिशन में कामयाब हो गए. मुठभेड़ के दौरान सेना ने गाजी को मार दिया.
सुरक्षाबलों ने भी जैश-ए-कमांडर के दो कमांडरों को मार दिया है. CRPF के जवानो ने वह बानी बिल्डिंग को ही खत्म कर दिया है जहा आतंकवादी छुपे थे. आतंकी हमले में 44 जवान शहीद हुए थे और इस हमले की पूरी साजिश गाजी ने ही की थी और जवानो ने 4 दिन के अंदर ही वापस बदला ले लिया है.
हमले के बाद ही जवानो ने घाटियों पर आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज कर दिया है रविवार देर रात करीब 12 बजे पुलवामा के पिंगलिना में कुछ आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली.
जवानो ने उस जगह को चारो तरफ से घेर लिया था. करीब रात को 12 बजे के बाद यह मिसन शुरू हुआ था. इस मिसन में को 55RR, CRPF और SOG के जवानों ने मिलकर चलाया. आतंकियों के साथ मुठभेड़ करते हुए हमारे 4 जवान शहीद हो गए. इनमें मेजर डीएस डोंडियाल, हेड कॉन्स्टेबल सेवा राम, सिपाही अजय कुमार और सिपाही हरी सिंह शामिल थे. एक जवान घायल है जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर अपने भतीजे के जरिए घाटी में आतंकी हरकतों को अंजाम देता था. जिसके बाद से ही मसूद अजहर ने कश्मीर की जिम्मेदारी अपने टॉप कमांडर और आईईडी एक्सपर्ट गाजी राशिद को दी थी.
गाजी अपने 2 लोगो के साथ दिसंबर में भारत में आया था. और वह दक्षिण कश्मीर में छिप गया था. गाजी को मौलाना मसूद अजहर का भरोसेमंद और करीबी माना जाता है.
2008 में जैश-ए-मोहम्मद ज्वाइन किया और इसकी तालिबान में ट्रेनिंग ली थी. उसके बाद वह 2010 में वह उत्तरी वजीरिस्तान चला गया था. उसके बाद से वह आतंकी में शामिल हो गया था. कुछ समय बाद उसने कश्मीर के युवा लड़को को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया था.

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