
ये तो सच है के आज के समय में भागडोर इतनी बढ़ गयी है की सुकून की नींद ले पाना मुश्लिक ही हो गया।दोस्तों आज हम आपके लिए कुछ ऐसी तस्वीरें लाये है जिन्हे देखकर शायद आपको भी आपका कोई ऐसा याद अ जाये जिसको बहुत नींद आती हो,और जहा मौका मिला सो गए.
फिर भले ही वो उनका कमरा हो या नहीं,कोई देखे तो भी हमें तो कोई फर्क नहीं पढता.बस हमें तो नींद की एक झपकी मिल जाये हम खुश है,तो आइये देखते है कुछ ऐसी ही चुलबुली तस्वीरें।
मां आप मुझे बिस्तर पर सोने नहीं देंगी तो क्या हुआ,मै अपनी नींद पूरी करना जानती हु।
ये क्या जूते पहनने के लिए भेजा था,सोने के लिए नहीं.
अरे भाई सोने के लिए गद्दे आपको चाहिए होंगे,हम तो बस जगह से ही काम चला लेते है।
मेरा अखबार कहा है,अरे ये हम नहीं कह रहे है,ये तो इनके पापा कबसे आवाज़ लगा रहे है,और ये जनाब नींद ले रहे है.
अरे अरे ये क्या,खतरों के खिलाडी ,नींद लेना अच्छी बात है,पर जगह भी तो देखनी चाहिए.
अगर ऐसे वर्कर हो तो हो गया काम.
हमारे इंडिया वाले जुगाड़ में सबसे आगे है ।
भाई ये ट्रॉली में जो सामान है किस दूकान पर मिलता है।
ये आराम का मामला है साहब,जहा नींद की बात हो वहा जगह नहीं देखी जाती.
जब इतनी नींद आयी हो तो सोना ही ज़रूरी है.
पढ़ रहे हो या सो रहे हो।
सफर में नींद का जो आनंद है वो कही और नहीं।
ये कोनसा नया आसन है कोई बता सकता है क्या।
भाई कितने महीने से नहीं सोये हो.
ट्रैन वाले भैया दो,चार स्टेशन घूम के जब आओ तो उठा देना.
ये कोनसा स्टाइल है सोने का।
















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